टेस्ट में इन दिनों टीम इंडिया की तूती बोल रही है. विराट कोहली के शानदार नेतृत्व में टीम ने पिछले साल शानदार प्रदर्शन किया है. विराट ब्रिगेड का लक्ष्य 2017 में भी टेस्ट में अपनी धमक को बरकरार रखने का है. इस साल इसकी शुरुआत बांग्लादेश के खिलाफ एक टेस्ट मैच से होगी. हालांकि असली मुकाबला तो ऑस्ट्रेलिया से होगा, जो भारतीय धरती पर खेलने को लेकर पहले से ही काफी चिंतित है. उसके कप्तान से लेकर टीम प्रबंधन तक भारत दौरे पर नजरें गड़ाए हुए हैं. ऑस्ट्रेलियाई टीम भारतीय स्पिनरों से निपटने के तरीके खोज रही है. इसी कड़ी में धुरंधर ओपनर डेविड वॉर्नर, जो इस समय जबर्दस्त फॉर्म में हैं, वह भी अपनी बल्लेबाजी को भारतीय पिचों के अनुकूल बनाने के लिए कुछ खास करने जा रहे हैं.

पाकिस्तान से जारी सीरीज के बीच ही डेविड वॉर्नर ने भारतीय दौरे की तैयारी शुरू कर दी है. हाल ही में टेस्ट इतिहास की दूसरी सबसे तेज फिफ्टी बनाकर धूम मचाने के बाद अब वॉर्नर पाक के खिलाफ वनडे सीरीज में भाग लेंगे, लेकिन उनका पूरा ध्यान भारत दौरे पर है. उन्होंने एक बड़ा फैसला लेते हुए अपने बल्ले में बदलाव का फैसला किया है. वह उसका वजन बढ़ाने जा रहे हैं.

‘स्वीट स्पॉट’ और बल्ले के वजन पर फोकस
ऑस्ट्रेलियाई अखबार सिडनी मॉर्निंग हेरल्ड में छपी खबर के अनुसार डेविड वॉर्नर भारतीय पिचों पर भारी बल्ले के साथ उतरेंगे. साथ ही बल्ले के ‘स्वीट स्पॉट’ को थोड़ा नीचे रखेंगे. दरअसल भारत के स्पिन विकेटों पर गेंद कई बार काफी नीचे रह जाती है, तेजी से टर्न होती है और कई बार अचानक ही उछाल लेती है, तभी तो यहां के विकेटों पर रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा का सामना करना बेहद मुश्किल हो जाता है. उनका मानना है कि भारी बल्ले से इस तरह की गेंदों से निपटना आसान हो जाएगा.

अखबार में भी यह भी छपा है कि डेविड वॉर्नर जिस बल्ले का उपयोग करते हैं, उसके वजन में .05 किग्रा का इजाफा करेंगे. अभी उनके बल्ले का वजन 1.23 किग्रा है, लेकिन भारत में वह जिस बल्ले से खेलने की योजना बना रहे हैं उसका वजन 1.28 किग्रा के आसपास होगा.

दुबई में भी ऑस्ट्रेलियाई टीम करेगी अभ्यास
ऑस्ट्रेलियाई टीम के भारत दौरे के प्रति चिंता को आप इसी बात से समझ सकते हैं कि वह यहां से पहले दुबई में अभ्यास की योजना बना रही है. वास्तव में दुबई की पिचें भारतीय उपमहाद्वीप जैसी ही हैं. ऐसे में ऑस्ट्रेलिया को भारत जैसे माहौल में अभ्यास का मौका मिल जाएगा. पिछले 12 सालों से ऑस्ट्रेलिया के लिए भारतीय धरती पर टेस्ट सीरीज जीतना तो दूर की बात है, मैच जीतना ही काफी मुश्किल रहा है. ऑस्ट्रेलिया भारत में 2004 से कोई टेस्ट मैच नहीं जीता है. साल 2013 में भारत में हुई सीरीज़ में उसने चारों टेस्ट मैच गंवा दिए थे, इसीलिए वह तैयारी में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहता.

ऑस्ट्रेलिया से पहले इंग्लैंड की टीम भी 2012 में दुबई में अभ्यास के लिए गई थी और सीरीज़ जीतने में कामयाब रही थी. अब ऑस्ट्रेलिया टीम भी इससे सबक लेते हुए कुछ ऐसा ही करने जा रही है. इंग्लैंड ने 2012 में 2-1 से सीरीज़ जीती थी. वेस्ट इंडीज़ ने भी पिछले साल भारत में विश्व टी-20 का खिताब जीतने से पहले दुबई में आईसीसी अकादमी में अभ्यास किया था.

कप्तान स्मिथ भी हैं चिंतित
ऑस्ट्रेलिया के कप्तान स्टीव स्मिथ ने पाकिस्तान पर टेस्ट सीरीज में 3-0 से जीत के बाद स्वीकार किया था कि उनकी टीम को असली चुनौती भारत दौरे में मिलेगी. गौरतलब है कि अपनी धरती पर पाकिस्तान को बुरी तरह हराने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम के कप्तान स्मिथ को भी भारत दौरे की चिंता सता रही है. उन्होंने कहा भी है कि भारत में कड़ी चुनौती पेश करने के लिए उनकी टीम को हटकर खेल दिखाना होगा.

रैंकिंग में पहुंच सकती है टॉप पर, यह दौरे का शेड्यूल
आईसीसी रैंकिंग में शीर्ष पर भारतीय टीम बेहतरीन फॉर्म में चल रही है. ऑस्ट्रेलिया रैंकिंग में अभी दूसरे स्थान पर है और भारत को 3-0 से हराने के बाद ही वह चोटी पर पहुंच सकता है, लेकिन उसके लिए यह बहुत मुश्किल साबित होने वाला है.

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पहला टेस्ट मैच 23 से 27 फरवरी के बीच पुणे में खेला जाएगा. इसके बाद चार से आठ मार्च तक बेंगलुरू में दूसरा टेस्ट, 16 से 20 मार्च तक रांची में तीसरा टेस्ट और 25 से 29 मार्च तक धर्मशाला में चौथा टेस्ट मैच खेला जाएगा.


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